कोरोना से लड़ाई के बीच आत्मनिर्भर बनने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने चीन जैसे देशों से कलर टेलीविजन के आयात पर रोक लगा दी है। यह कदम घरेलू उत्पादन बढ़ाने और गैर-जरूरी उत्पादों के आयात में कमी लाने के मकसद से उठाया गया है। सरकार के इस कदम को चीन पर एक और स्ट्राइक माना जा रहा है।
अब आयात के लिए लेना पड़ेगा लाइसेंस
कलर टेलीविजन के आयात पर प्रतिबंध लगाने के संबंध में विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। नोटिफिकेशन के मुताबिक, अब कलर टेलीविजन के आयात को मुक्त श्रेणी से निकालकर प्रतिबंधित कर दिया गया है। प्रतिबंधित श्रेणी का मतलब है कि आयातकों को अब आयात के लिए वाणिज्य मंत्रालय के विदेश व्यापार महानिदेशालय से लाइसेंस लेना पड़ेगा। भारत में मुख्य रूप से चीन समेत वियतनाम, मलेशिया, हॉन्गकॉन्ग, कोरिया, इंडोनेशिया, थाइलैंड और जर्मनी से कलर टेलीविजन का आयात होता है। सरकार की ओर से लगाए गए प्रतिबंधों का असर 36 सेमी से 105 सेमी के टीवी सेट और 63 सेमी से कम के एलसीडी टीवी सेट पर पड़ेगा।
2019-20 में 781 मिलियन डॉलर के टीवी का आयात
वित्त वर्ष 2019-20 में 781 मिलियन डॉलर करीब 5836 करोड़ रुपए के कलर टीवी का आयात किया गया था। इसमें वियतनाम से 428 मिलियन डॉलर करीब 3199 करोड़ रुपए और चीन से 293 मिलियन डॉलर करीब 2190 करोड़ रुपए के कलर टीवी का आयात शामिल है। पैनासोनिक इंडिया के सीईओ मनीष शर्मा का कहना है कि इससे घरेलू उत्पादों पर सकारात्मक असर पड़ेगा और उपभोक्ताओं को हाई क्वालिटी असेम्बल्ड टीवी सेट मिलेंगे।
चीन को लेकर काफी सख्त दिख रही सरकार
लद्दाख की गलवान घाटी में सीमा विवाद के बाद से सरकार चीन को लेकर काफी सख्त दिख रही है। केंद्र सरकार ने सबसे पहले चीन के 59 ऐप पर बैन लगाया था। जिन ऐप पर यह बैन लगाया गया था, उनमें शॉर्ट वीडियो ऐप टिकटॉक, वी-चैट, यूसी ब्राउजर, यूसी न्यूज जैसे ऐप भी शामिल थे। इन सभी ऐप को राष्ट्रीय सुरक्षा के खिलाफ गतिविधियों के आरोप में बैन किया गया था। हाल में सरकार ने इनके 47 क्लोन ऐप पर भी प्रतिबंध लगाया है। इसके अलावा सरकार ने चीन की कंपनियों पर भी कई प्रकार के प्रतिबंध लगाए हैं।
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