कोरोनावायरस के कारण कंटेनर कार्गो की ढुलाई अप्रैल से अगस्त के बीच करीब 25% घट गई : आईपीए

कोरोनावायरस महामारी का देश के प्रमुख बंदरगाहों के परफॉर्मेंस पर भी बेहद बुरा असर पड़ा है। इंडियन पोर्ट्स एसोसिएशन (आईपीए) के आंकड़ों के मुताबिक कंटेनर कार्गो की ढुलाई अप्रैल से अगस्त के बीच करीब 25 फीसदी घट गई। टीईयू (ट्वेंटी फुट इक्विवेलेंट यूनिट) के हिसाब से प्रमुख 12 बंदरगाहों पर कंटेनर कार्गो की ढुलाई इस दौरान 25.01 फीसदी घटकर 32.5 लाख यूनिट रह गई।

टन के हिसाब से इस दौरान कंटेनर कार्गो 22.45 फीसदी घटकर 4.926 करोड़ टन रह गया। एक साल पहले की समान अवधि में इन बंदरगाहों पर कंटेनर की ढुलाई 43.4 यूनिट और टन के हिसाब से 6.353 करोड़ टन थी। आईपीए इन 12 बंदरगाहों का संचालन करता है और उनके आंकड़े रखता है।

समूचे कारोबारी साल में कंटेनर सेगमेंट में 12-15% गिरावट की आशंका

रेटिंग एजेंसी इक्रा ने पहले कहा था कि समूचा कार्गो सेगमेंट प्रभावित होगा, लेकिन कंटेनर सेगमेंट पर ज्यादा बुरा असर होगा। पूरे कारोबारी साल 2020-21 में समूचे कार्गो सेगमेंट में 5-8 फीसदी गिरावट आ सकती है। जबकि इस कारोबारी साल में कंटेनर सेगमेंट में 12-15 फीसदी की गिरावट आ सकती है।

सभी प्रकार की कार्गो ढुलाई 16.56% घटकर 24.504 करोड़ टन रह गई

इस साल अप्रैल से अगस्त तक सभी प्रकार की कार्गो ढुलाई 16.56 फीसदी घटकर 24.504 करोड़ टन रह गई है। केंद्र सरकार के इन 12 बंदरगाहों का कार्गो वॉल्यूम अगस्त में लगातार पांचवें महीने घटा है। मोर्मुगाव को छोड़कर बाकी सभी 11 बंदरगााहों के वॉल्यूम में गिरावट दर्ज की गई है। पिछले साल की समान अवधि में इन 12 बंदरगाहों पर 29.367 करोड़ टन की कार्गो ढुलाई हुई थी।

चेन्नई, कोच्चि और कामराजार बंदरगाहों का कार्गो वॉल्यूम 30% गिरा

चेन्नई, कोच्चि और कामराजार जैसे बंदरगाहों का कार्गो वॉल्यूम अप्रैल-अगस्त में करीब 30 फीसदी गिरा। जेएनपीटी और कोलकाता के वॉल्यूम में 20 फीसदी से ज्यादा गिरावट आई है। मुंबई पोर्ट्स का वॉल्यूम 19 फीसदी से ज्यादा गिर गया।

देश का 61% कार्गो ट्रैफिक हैंडल करते हैं ये 12 बंदरगाह

देश के 12 प्रमुख बंदरगाहों में दीनदयाल (पुराना नाम कांदला), मुंबई, जेएनपीटी, मोर्मुगाव, न्यू मंगलुरु, कोच्चि, चेन्नई, कामराजार (पुराना नाम एन्नोर), वीओ चिदंबरनार, विशाखापट्‌टनम, पारादीप और कोलकाता (हल्दिया सहित) शामिल हैं। इनका नियंत्रण केंद्र सरकार करती है। ये 12 प्रमुख बंदरगाह देश का करीब 61 फीसदी कार्गो ट्रैफिक हैंडल करते हैं।

महामारी के कारण कंटेनर्स, कोयला, पेट्र्रोलियम, ऑयल और लुब्रिकेंट की हैंडलिंग में भारी गिरावट

कारोबारी साल 2019-20 में इन बंदरगाहों ने कुल 70.5 करोड़ टन कार्गो ट्रैफिक हैंडल किया था। कार्गो ट्रैफिक में कंटेनर कार्गो, कोयला, फर्टिलाइजर्स, पेट्रोलियम उत्पाद व अन्य सेगमेंट शामिल हैं। कोरोनावायरस महामारी फैलने के बाद कंटेनर्स, कोयला और पोल (पेट्र्रोलियम, ऑयल और लुब्रिकेंट) की हैंडलिंग में भारी गिरावट आई है।

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आईपीए द्वारा संचालित प्रमुख 12 बंदरगाहों पर पिछले कारोबारी साल के प्रथम 5 महीने में कंटेनर की ढुलाई 43.4 यूनिट और टन के हिसाब से 6.353 करोड़ टन हुई थी


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कोरोनावायरस के कारण कंटेनर कार्गो की ढुलाई अप्रैल से अगस्त के बीच करीब 25% घट गई : आईपीए कोरोनावायरस के कारण कंटेनर कार्गो की ढुलाई अप्रैल से अगस्त के बीच करीब 25% घट गई : आईपीए Reviewed by Insurance Advisor on September 27, 2020 Rating: 5

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