चीन के अरबपति जैक मा के एंट ग्रुप के आईपीओ को लेकर हांगकांग के कुछ ब्रोकर्स इतने उत्साहित हैं कि वे आम निवेशकों को इस आईपीओ के लिए 20 गुना तक मार्जिन लोन दे रहे हैं। 20 गुना मार्जिन लोन का मतलब यह है कि निवेशक अपनी ओर से सिर्फ 5 रुपए लगाकर इस आईपीओ में 100 रुपए के शेयरों के लिए आवेदन कर सकते हैं। ब्राइट स्मार्ट सिक्युरिटीज एंड कमॉडिटीज ग्रुप और यूपी फिनटेक होल्डिंग लिमिटेड जैसे ब्रोकर्स ने इतना ऊंचा मार्जिन लोन पहले कभी नहीं दिया है
सऊदी अरैमको के रिकॉर्ड को तोड़कर एंट ग्रुप अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ साबित हो सकता है। हांगकांग और शंघाई के बाजार में डुअल लिस्टिंग से एंट ग्रुप कम से कम 35 अरब डॉलर जुटा सकती है। पिछले साल सऊदी अरैमको का 29 अरब डॉलर का आईपीओ आया था, जो अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ है।
ब्रोकर्स और निवेशकों के लिए बड़ा जोखिम बन सकता है ऊंचा मार्जिन लोन
ऊंचे मार्जिन लोन से एंट ग्रुप के आईपीओ के लिए शेयरों की मांग काफी बढ़ सकती है। लेकिन आईपीओ के फ्लॉप होने पर यह ब्रोकर्स और निवेशकों के लिए बड़ा जोखिम भी बन सकता है। हांगकांग की एक फाइनेंशियल सर्विस कंपनी हाइविन इंटरनेशनल के सीईओ निक शियाओ ने कहा कि लगभग सभी ब्रोकर और बैंक अपने क्लाइएंट को मार्जिन लोन ऑफर कर रहे हैं, ताकि निवेशक शेयरों का अलॉटमेंट हासिल कर सकें।
मार्जिन लोन ब्रोकरेज इंडस्ट्री के लिए रेवेन्यू का एक बड़ा स्रोत
मार्जिन लोन ब्रोकरेज इंडस्ट्री के लिए रेवेन्यू का एक बड़ा स्रोत होता है। यह निवेशकों के लिए भी आईपीओ अलोकेशन हासिल करने की संभावना बढ़ाता है। लेकिन लिस्टिंग के बाद यदि शेयर के भाव गिरते हैं निवेशकों को भारी नुकसान हो सकता है। उदाहरण के लिए सिर्फ 5 फीसदी की गिरावट 20 गुना मार्जिन लोन लेने वाले निवेशकों के पूरे निवेश का इफेक्टिव वैल्यू शून्य बना सकता है।
आईपीओ की सफलता में अमेरिका है सबसे बड़ा खतरा
एंट ग्रुप के आईपीओ की सफलता को सबसे बड़ा खतरा अमेरिका से है। अमेरिका का ट्रंप प्रशासन एंट ग्रुप और टेंसेंट होल्डिंग्स लिमिटेड पर पाबंदी लगाने पर विचार कर रहा है। अमेरिका का आरोप है कि इन दोनों कंपनियों के डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म्स अमेरिका की सुरक्षा के लिए खतरा हैं।
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