इस फेस्टिवल सीजन सोने में निवेश करने का बना रहे हैं प्लान, तो इन 6 बातों का रखें ध्यान रखकर आप भी कमा सकेंगे ज्यादा मुनाफा
देश में लोग काफी समय से त्योहारों पर सोना खरीदते हैं। कई लोगों ने अब सोने के सिक्के या बार/बिस्किट की जगह गोल्ड फंड या डिजिटल गोल्ड में निवेश करना शुरू कर दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि सोने में निवेश आपके पोर्टफोलियो के डायवर्सिफिकेशन(विविधता लाने) के हिसाब से ठीक है। इस साल जनवरी से अक्टूबर तक सोने ने करीब 32 फीसदी रिटर्न दिया है। अगर आप भी सोने में निवेश की योजना बना रहे हैं तो हम आपको बता रहे हैं वे 5 बातें जो आपको ध्यान में रखनी चाहिए।
ज्वेलरी नहीं डिजिटल गोल्ड में करें निवेश
भारतीय महिलाओं को गोल्ड ज्वैलरी बहुत पसंद होती हैं लेकिन यह निवेश का सही ऑप्शन नहीं है। गोल्ड सस्ता होने पर सोने की चूड़़ियां, हार या दूसरे गहने खरीद लेना पहले अच्छा विकल्प माना जाता था,तब लोगों के पास निवेश के बहुत विकल्प नहीं थे। लेकिन आज गोल्ड में निवेश के कई विकल्प उपलब्ध हैं। गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) के जरिए निवेशक इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से सोना खरीद/बेच सकते हैं और आर्बिटेज गेन (एक मार्केट से खरीदकर दूसरे मार्केट में बेचने पर लाभ) हासिल कर सकते हैं। ईटीएफ के जरिए सोना यूनिट्स में खरीदते हैं, जहां एक यूनिट एक ग्राम की होती है। इससे कम मात्रा में या एसआईपी (सिस्टमेटिक इंवेस्टमेंट प्लान) के जरिए सोना खरीदना आसान हो जाता है।
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में करें निवेश
आप सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में भी निवेश कर सकते हैं। केंद्र सरकार सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड को जारी कर रही है। इसकी 7 सीरीज जारी हो चुकी हैं और आठवीं सीरीज 9-13 नवंबर को आएगी। अगर आप इस दिवाली गोल्ड में निवेश करने का प्लान बना रहे हैं तो इसमें निवेश करना आपके लिए फायदेमंद रहेगा। सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में इश्यू प्राइस पर हर साल 2.50 फीसदी का निश्चित ब्याज भी मिलता है। यह पैसा हर 6 महीने में अपने आप आपके खाते में पहुंच जाता है। फिजिकल गोल्ड और गोल्ड ईटीएफ पर आपको इस तरह का फायदा नहीं मिलता।
गोल्ड SIP के जरिए भी कर सकते हैं निवेश
म्यूचुअल फंड की तरह गोल्ड में भी सिस्टमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) शुरू की जा सकती है। इससे 500 रुपए की रकम से भी सोने में लंबे समय के लिए निवेश किया जा सकता है। SIP की रकम अपने आप बैंक खाते से कट जाती है। गोल्ड SIP में निवेश करने के लिए डीमैट अकाउंट की जरूरत नहीं पड़ती है। इसमें कई कंपनियां गोल्ड फंड ऑफ फंड्स जारी करती हैं, जिनमें आप SIP के जरिए भी निवेश कर सकते हैं। किसी भी फंड हाउस के जरिए आप गोल्ड SIP में निवेश कर सकते हैं।
फिजीकल गोल्ड लेने से पहले शुद्धता की करें जांच
अगर आपने फिजीकल गोल्ड में ही निवेश करने का मन बना लिया है तो सोना खरीदते वक्त थोड़ा सावधान रहना जरूरी है, क्योंकि असली (शुद्ध) सोने की पहचान करना आसान नहीं होता। लेकिन कुछ सावधानियां बरत कर आप गलत चीज खरीदने से बच सकते हैं। सोना खरीदते वक्त उसकी क्वालिटी पर जरूर गौर करें। सबसे अच्छा है कि आप हॉलमार्क देखकर सोना खरीदें। हॉलमार्क सरकारी गारंटी है। 24 कैरेट सोने को सबसे शुद्ध सोना माना गया है, लेकिन इसके आभूषण नहीं बनते, क्योंकि वो बेहद मुलायम होता है। आमतौर पर आभूषणों के लिए 22 कैरेट सोने का इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे में इस बात का ध्यान रखें की ज्वैलर कहीं आपसे 24 कैरेट की कीमत तो नहीं वसूल रहा है।
लोगों के बीच बढ़ा गोल्ड ईटीएफ का क्रेज
पिछले कुछ समय से गोल्ड ईटीएफ में बहुत तेजी नहीं देखी गई है। हालांकि पिछले कुछ महीनों में निवेशकों के बीच इसका क्रेज बढ़ा है। कोरोना काल में गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) की चमक बढ़ी है। लगातार पांचवें महीने Gold ETF में निवेश बढ़ा है। अगस्त में कुल 908 करोड़ रुपए का निवेश आया है। इसमें इस साल अगस्त तक कुल 5,356 करोड़ रुपए का निवेश आया है।
सोने में सीमित निवेश ही फायदेमंद
भले ही आपको सोने में निवेश करना पसंद हो तब भी आपको इसमें सीमित निवेश ही करना चाहिए। एक्सपर्ट के अनुसार कुल पोर्टफोलियो का सिर्फ 5 से 10 फीसदी ही सोने में निवेश करना चाहिए। किसी संकट के दौर में सोने में निवेश आपके पोर्टफोलियो को स्थिरता दे सकता है, लेकिन लंबी अवधि में यह आपके पोर्टफोलियो के रिटर्न को कम कर सकता है।
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