LIC ने हाल में शेयर बाजार में निवेश कर अच्छा खासा फायदा कमाया है। LIC देश की सबसे बड़ी संस्थागत निवेशक है। यानी यह बाजार में सबसे ज्यादा निवेश करती है। इसने ऐसे समय में फायदा कमाया है जब कोरोना अपने टॉप पर है। पिछले 6 महीनों में इसने शेयर बाजार से उतना फायदा कमाया है जितना पिछले साल इसी अवधि में कमाया था।
सालाना 2 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का निवेश
LIC सालाना 2 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का निवेश करती है। इसमें से 60 हजार करोड़ के करीब वह शेयर बाजार में और बाकी डेट, सरकारी प्रतिभूतियों (जी-सेक) आदि में करती है। शेयर होल्डिंग के आंकड़ों से पता चलता है कि देश की टॉप कंपनियों में LIC ने निवेश किया है। जुलाई-सितंबर के दौरान इसने फार्मा और आईटी सेक्टर की कंपनियों में निवेश किया है। इसने मार्च में तब निवेश किया, जब यह सारे स्टॉक्स पिटे हुए थे।
बैंकिंग शेयरों में भी लगाया है पैसा
इसने कुछ बैंकिंग शेयरों में भी निवेश किया है। बैंकिंग शेयर काफी दबाव वाले माने जाते हैं। पर हाल में निजी क्षेत्र के बैंकिंग शेयरों ने अच्छा रिटर्न दिया है। आंकड़े बताते हैं कि LIC ने फार्मा शेयरों में ल्युपिन, अल्केम लैब और फाइजर में दूसरी तिमाही में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है। ये शेयर इसी अवधि में 24 पर्सेंट से ज्यादा बढ़े हैं। इसने आईटी सेक्टर में एंफेसिस में भी अपनी हिस्सेदारी 1.96 से बढ़ाकर 2.11 पर्सेंट कर ली है। इस शेयर ने दूसरी तिमाही में 56 पर्सेंट का रिटर्न दिया है।
ऑटो सेक्टर में भी लगाया है दांव
ऑटो सेक्टर में इसने अमार राजा बैटरीज, अशोक लेलैंड, बाश, एक्साइड इंडस्ट्रीज, हीरो मोटो कॉर्प और टीवीएस मोटर कंपनी में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है। इसी हफ्ते रेटिंग एजेंसी केयर रेटिंग ने कहा कि ट्रैक्टर, पैसेंजर व्हीकल और दोपहिया वाहनों में रिकवरी के संकेत दिख रहे हैं। ऐसा माना जा रहा है कि अगले दो से चार सालों में ऑटो मोबाइल सेक्टर अच्छा बढ़ेगा। इस सेक्टर में काफी मजबूत आय कंपनियों की दिख सकती है।
निजी सेक्टर के बैंकों के शेयरों में किया निवेश
इसके साथ ही निजी सेक्टर के टॉप 3 बैंक भी इस दौरान बेहतर प्रदर्शन करेंगे। LIC ने दूसरी तिमाही में जिन बैंकों के शेयरों की खरीदारी की उसमें SBI, HDFC बैंक, HDFC, कोटक महिंद्रा बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, इंडसइंड बैंक, यस बैंक और बंधन बैंक शामिल हैं।
बुरे दौर से गुजर रहे यस बैंक के भी शेयर में लगाया पैसा
बैंकिंग सेक्टर में इस समय सबसे जोखिम वाला शेयर यस बैंक है। LIC ने इसमें भी अगस्त में हिस्सेदारी बढ़ाकर 4.99 पर्सेंट कर दी है। यह हिस्सेदारी खुले बाजार से शेयर खरीद कर ली गई है। विश्लेषकों का मानना है कि माहौल के विपरीत शेयरों में खरीदारी एक बेहतर आइडिया है। यही कारण है कि LIC ने इस तरह की खरीदारी की है। इसे कांट्रा इनवेस्टिंग बोलते हैं। यानी किसी शेयर में तब खरीदी करना जब लोग उससे दूर भाग रहे हों या उस स्टॉक की स्थिति अच्छी नहीं हो।
इन शेयरों में बढ़ाई हिस्सेदारी
सितंबर तिमाही में LIC ने जिन अन्य शेयरों में खरीदी की उसमें इसने ऑयल सेक्टर को भी शामिल किया। इस सेक्टर में इसने इंडियन ऑयल, पावर ग्रिड, ऑयल इंडिया, ONGC, मॉयल, महानगर गैस और इंद्रप्रस्थ गैस में खरीदारी की। हालांकि यहां पर LIC का दांव थोड़ा उल्टा है। ये सभी शेयर एक महीने में 20 पर्सेंट तक गिर गए हैं। मेटल में इसने JSW स्टील एवं स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया (सेल) में खरीदारी की है। इन दोनों के भी शेयरों की कीमत गिरी है। हालांकि HDFC सिक्योरिटीज ने कहा है कि JSW स्टील का शेयर 372 रुपए तक जा सकता है।
इनके अलावा जिन शेयरों में LIC ने खरीदी की है उसमें बाटा इंडिया, बर्जर पेंट्स, टाइटन, अल्ट्राटेक सीमेंट और हिंदुस्तान यूनिलीवर जैसे स्टॉक हैं।
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