पब्लिक सेक्टर बैंक (PSU) क्रेडिट लेने और नियामक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए अगले तीन महीनों में इक्विटी शेयर और बांड के जरिए लगभग 25 हजार करोड़ रुपए जुटाने की योजना बना रहे हैं। वित्तीय सेवा सचिव मनीष पंडा के अनुसार पिछले कुछ महीनों में भारतीय स्टेट बैंक (SBI), केनरा बैंक और पंजाब नेशनल बैंक (PNB) ने बाजार से करीब 40 हजार करोड़ रुपये जुटाए हैं।
PSU ने 40 हजार करोड़ रुपए की पूंजी जुटाई
उन्होंने कहा, ‘‘बैंक बाजार से पूंजी जुटाने में सक्षम रहे हैं। पब्लिक सेक्टर बैंकों ने 40 हजार करोड़ रुपए की पूंजी जुटाई है। यह पूंजी इक्विटी शेयर और एटी 1 (अतिरिक्त टियर-1) और टियर दो (बांड) के जरिए जुटाई है। हम चालू वित्त वर्ष की शेष अवधि में 20 से 25 हजार करोड़ रुपए की पूंजी और जुटाने की उम्मीद कर रहे हैं।''
सरकार ने चालू वित्त वर्ष में बैंकों में 20 हजार करोड़ निवेश का फैसला किया
इस महीने की शुरुआत में केनरा बैंक ने 2,000 करोड़ रुपए जबकि पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) ने क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (क्यूआइपी) के जरिए 3,788.04 करोड़ रुपए जुटाए हैं। इसके अलावा सरकार ने चालू वित्त वर्ष में सरकारी बैंकों में 20 हजार करोड़ रुपए निवेश का फैसला किया है। इसमें से वित्त मंत्रालय ने 5,500 करोड़ रुपये पंजाब एंड सिंध बैंक को दे दिए हैं।
कई बैंकों को मिले पैसे
इसमें से वित्त मंत्रालय ने 5,500 करोड़ रुपए पंजाब एंड सिंध बैंक को नियामकीय जरूरतों को पूरा करने के लिए दिए। पंजाब नेशनल बैंक को 16,091 करोड़ रुपए, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया को 11,768 करोड़ रुपए मिले। जबकि केनरा बैंक और इंडियन बैंक को क्रमशः 6,571 करोड़ रुपए और 2,534 करोड़ रुपए मिले। बैंकों के वित्तीय स्वास्थ्य के बारे में बात करते हुए, पांडा ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के 12 में से 11 बैंकों ने पिछली तिमाही में लाभ कमाया है।
बीते वित्त वर्ष में लिया था 70 हजार करोड़ रुपए का निवेश
सरकार ने बीते वित्त वर्ष में इकोनॉमी को गति देने और ग्राहकों की कर्ज मांग पूरी करने के लिए बैंकों में 70 हजार करोड़ रुपए का निवेश किया था। बैंकों की वित्तीय स्थिति के बारे में पांडा ने कहा कि पिछली तिमाही में सरकारी क्षेत्र के 12 बैंकों में से एक को छोड़कर सभी लाभ में रहे।
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