दुबई की कंपनी ने भारतीय एजुकेशन स्टार्टअप Toppr में किया 350 करोड़ का निवेश, खुद का ओएस बनाकर बायजूस को चुनौती देगी कंपनी
कोविड-19 महामारी के कारण स्कूलों और कॉलेजों बंद हो चुके हैं और इसी कारण ऑनलाइन एजुकेशन सेक्टर में काफी बूम देखने को मिल रहा है। भारत में एजुकेशन टेक स्टार्टअप्स इस बदलाव का लाभ उठा रहे हैं, वहीं निवेशक भी इस मौके को भुनाने में लगे हैं।
फंडेड एजुकेशन टेक स्टार्टअप्स की लिस्ट में अब एक नया नाम जुड़ गया है और वो है टॉपर (Toppr), जिसने सीरीज-डी राउंड की फंडिंग में 350 करोड़ जुटाए हैं। इस राउंड का नेतृत्व दुबई स्थित फाउंडेशन होल्डिंग्स ने किया और मौजूदा निवेशक काइज़न प्राइवेट इक्विटी की भी भागीदारी देखी गई। इस क्षेत्र के अन्य स्टार्टअप्स जैसे बायजू, अनएकेडमी, वेदांतु ने पिछले कुछ महीनों में लाखों नए यूजर्स के अचानक बढ़ने के कारण काफी धन जुटाया है।
एआई बेस्ड लर्निंग प्लेटफॉर्म है टॉपर, 1.3 करोड़ से अधिक स्टूडेंट्स रजिस्टर्ज
टॉपर एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बेस्ड लर्निंग प्लेटफॉर्म है, जिसमें 1.3 करोड़ से अधिक रजिस्टर्ड छात्र हैं और नई फंडिंग के साथ, स्टार्टअप का लक्ष्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बेस्ड टॉपर स्कूल ऑपरेटिंग सिस्टम का निर्माण करना है, जो स्कूलों को डिजिटल रूप से चलाने के लिए एक प्लेटफॉर्म है।
टॉपर के फाउंडर और सीईओ जिशान हयात ने बताया कि- इस निवेश के साथ, अब हमारे पास K-12 शिक्षा के अनुभव में क्रांतिकारी बदलाव लाने की क्षमता है और यह सुनिश्चित करता है कि कोई भी शिक्षार्थी पीछे न रहे। हम स्कूल के शिक्षकों और स्कूलों को सशक्त बनाने वाले ओएस को लॉन्च करने के लिए बेहद उत्साहित हैं और मानते हैं कि यह शिक्षकों और स्कूलों को सशक्त बनाने वाली पहल होगी।
जुलाई में टॉपर ने लॉन्च की थी वन-ऑन-वन-लाइव कोडिंग क्लास
इससे पहले जुलाई में, प्लेटफॉर्म ने 6 से 18 साल की उम्र के बच्चों के लिए एक वन-ऑन-वन-लाइव कोडिंग क्लास Toppr Codr भी लॉन्च की थी। Toppr Codr के पीछे का उद्देश्य युवा छात्रों को अपने दैनिक जीवन से रचनात्मक और चंचल अनुभवों का उपयोग करके अपने स्वयं के ऐप्स, वेबसाइट, गेम और अन्य इंटरैक्टिव प्लेटफ़ॉर्म बनाने का तरीका सिखाना था।
कोरोना काल में इन 14 एजुकेशन टेक स्टार्टअप्स ने जुटाया सबसे ज्यादा फंड
- एजुकेशन टेक सेक्टर की सफलता के बढ़ते ग्राफ में निवेश में तेजी देखी गई है। सिर्फ साल की पहली तिमाही में 400 मिलियन डॉलर ( लगभग 3 हजार करोड़) की फंडिंग जुटाने के बाद बायजूस सबसे बड़े एजुकेशन टेक सेक्टर बन गया, जिसमें फ़ेसबुक ने फंडिंग की।
- लेकिन इसी बीच 14 एजुकेशन टेक स्टार्टअप्स ने भी सफलतापूर्वक फंडिंग जुटाई है, इसमें से 9 में सीड फंडिंग की गई, जिससे पता चलता है कि निवेशक शुरुआती स्टेज स्टार्टअप्स के लिए तैयार हैं, जो कोरोनावायरस वायरस के बीच भी उनके लायक साबित हो सकते हैं।
| स्टार्टअप | फंड |
| क्लासप्लस | 67.5 करोड़ रुपए |
| पेडागॉगी | 30 लाख रुपए |
| एक्सपर्टट्रॉन्स | उजागर नहीं |
| Qinl | उजागर नहीं |
| वेदांतु | 147 करोड़ रुपए |
| GUVI | 7,88,156 रुपए |
| परीक्षा | उजागर नहीं |
| Lido | 78.7 करोड़ |
| कैंप K-12 | 30 करोड़ |
| Auxillo | 50 करोड़ रुपए |
| यूनिवैरायिटी | 8 करोड़ |
| कॉलेजखबरी | उजागर नहीं |
| Callido | उजागर नहीं |
| Oda क्लास | उजागर नहीं |
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