नई बैंक्रप्सी फाइलिंग पर लगी रोक को 6 महीने और बढ़ाया जा सकता है, कंपनी मामलों के मंत्रालय ने रखा प्रस्ताव
कंपनी मामलों के मंत्रालय ने नई बैंक्रप्सी फाइलिंग पर लगी रोक की अवधि को और आगे बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है। मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों ने कहा कि रोक की अवधि को छह महीने और आगे बढ़ाने का प्रस्ताव है। इस महीने की शुरुआत में लगागई गई रोक इसी सप्ताह समाप्त हो रही है।
ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक वित्त और कॉरपोरेट अफेयर्स मंत्री निर्मला सीतारमण से प्रस्ताव पर मंजूरी का इंतजार है। नई दिवालिया प्रक्रिया पर लगी रोक से कोरोनावायरस महामारी के कारण नकदी संकट से गुजर रही कंपनियों को फिलहाल राहत मिली हुई है। लेकिन इसने भारी-भरकम बैड लोन से दबे बैंकों की आफत बढ़ा दी है, क्योंकि उन्हें अपना फंसा हुआ लोन वापस लेने के लिए और ज्यादा समय तक इंतजार करना पड़ेगा।
रोक बढ़ाई गई, तो बैंक कारोबारियों को लोन देने से कततरा सकते हैं
आशंका जताई जा रही है कि बैंक्रप्सी फाइलिंग पर रोक की अवधि और बढ़ाई गई, तो बैंक कारोबारियों को लोन देने से कतरा सकते हैं। भारतीय अर्थव्यवस्था पहले ही 2018 में शुरू हुए एनबीएफसी संकट से जूझ रही है। जबकि आर्थिक विकास में तेजी लाने के लिए कारोबारियों को निरंतर लोन उपलब्ध कराना जरूरी है।
जून में अध्यादेश के जरिए नई बैंक्रप्सी फाइलिंग पर लगाई गई थी रोक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने जून में एक अध्यादेश जारी कर कोरोनावायरस प्रभावित कंपनियों के खिलाफ नई बैंक्रप्सी प्रक्रिया शुरू करने पर 6 महीने की रोक लगा दी थी। यह रोक 25 मार्च से शुरू हुई थी। इसी सप्ताह यह अवधि खत्म हो रही है।
ज्यादा कंपनियों के खिलाफ प्रक्रिया चलेगी, तो उनके लिए खरीदार खोजना मुश्किल हो जाएगा
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पिछले सप्ताह कहा था कि बैंक्रप्सी कानून का मकसद कंपनियों को कारोबार में बनाए रखना है, उसे बंद करना नहीं है। कारोनावायरस के कारण कंपनियों पर बहुत बुरा असर हुआ है। ऐसे में यदि ज्यादा कंपनियों के खिलाफ बैंक्रप्सी प्रक्रिया शुरू की जाएगी, तो उनके लिए खरीदार खोजना मुश्किल हो जाएगा।
जून 2020 तक 2,108 कॉरपोरेट इंसॉल्वेंसी मामले लंबित थे
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक जून 2020 तक 2,108 कॉरपोरेट इंसॉल्वेंसी मामले विभिन्न ट्रिब्यूनलों में लंबित हैं। इनमें से 1,094 मामलों ने रिजॉल्यूशन के लिए तय की गई 270 दिनों की समय सीमा पार कर ली है।
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