शहरी स्थानीय निकाय में सुधार करने पर आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश को 4,898 करोड़ रुपए अतिरिक्त कर्ज लेने की मंजूरी मिली
शहरी स्थानीय निकायों (ULB) में सुधार लागू करने के पुरस्कार के रूप में केंद्र सरकार ने आंध्र प्रदेश और मध्य प्रदेश को बाजार से 4,898 करोड़ रुपए अतिरिक्त कर्ज लेने की मंजूरी दी। वित्त मंत्रालय द्वारा बुधवार को जारी किए गए बयान के मुताबिक आंध्र प्रदेश को 2,525 करोड़ रुपए और मध्य प्रदेश को 2,373 करोड़ रुपए अतिरिक्त कर्ज लेने की मंजूरी मिली है। दोनों राज्यों ने डिपार्टमेंट ऑफ एक्सपेंडीचर द्वारा बताए गए तरीकों से ULB की कार्यप्रणाली में सुधारों को सफलता पूर्वक लागू किया है।
मंत्रालय ने कहा कि ULB और अर्बन युटिलिटीज में सुधारों का मकसद राज्यों के ULB को वित्तीय रूप से मजबूत करना और उन्हें बेहतर लोक स्वास्थ्य व सैनिटेशन सर्विसेज देने में सक्षत बनाना है। आर्थिक रूप से मजबूत होने के बाद ULB बेहतर सिविक इंफ्रास्ट्रक्चर भी बना सकेंगे। केंद्र सरकार ने इस साल मई में राज्यों की कर्ज सीमा में उनके ग्रॉस स्टेट डोमेस्टिक प्रॉडक्ट (GSDP) के 2 फीसदी के बराबर बढ़ोतरी कर दी थी।
हर एक सुधार पूरे करने पर GSDP के 0.25% के बराबर कर्ज लेने की सुविधा मिलती है
इस अतिरिक्त कर्ज सुविधा में से आधे को राज्यों द्वारा नागरिक सुविधाओं से जुड़े सुधार करने के साथ जोड़ा गया था। इनमें से हर एक सुधार पूरा करने पर राज्य को अपनी GSDP के 0.25 फीसदी के बराबर अतिरिक्त कर्ज लेने की सुविधा मिल जाती है। केंद्र द्वारा बताए गए चार सुधारों में वन नेशन वन कार्ड सिस्टम, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रिफॉर्म, अर्बनल लोकल बॉडी/युटिलिटी रिफॉर्म और बिजली सेक्टर के रिफॉर्म शामिल हैं।
10 राज्यों ने वन नेशन वन कार्ड सिस्टम रिफॉर्म पूरे किए
वित्त मंत्रालय ने कहा कि आंध्र प्रदेश और मध्य प्रदेश द्वारा किए गए ULB सुधारों के अलावा अब तक 10 राज्यों ने वन नेशन वन कार्ड सिस्टम रिफॉर्म पूरे किए हैं। 6 राज्यों ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रिफॉर्म पूरे किए हैं।
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