4 दिसंबर को समाप्त पखवाड़े में बैंकों की कुल उधारी में 5.72% की बढ़त आई है। कुल उधारी बढ़कर 105.04 लाख करोड़ रुपए हो गई है। जबकि डिपॉजिट में 11.34% की बढ़त आई है। यह 145.92 लाख करोड़ रुपए हो गई है। हालांकि इस दौरान पर्सनल लोन में भारी गिरावट दर्ज की गई है। यह जानकारी भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के आंकड़ों से मिली है।
दो बार जारी होता है आंकड़ा
RBI की ओर से हर महीने में दो बार इस तरह का आंकड़ा जारी किया जाता है। शुक्रवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, 6 दिसंबर 2019 को समाप्त पखवाड़े में बैंकों की उधारी 99.35 लाख करोड़ रुपए थी जबकि डिपॉजिट 131.06 लाख करोड़ रुपए थी। उधारी में जहां महज करीबन 6 लाख करोड़ की बढ़त एक साल में आई है, वहीं डिपॉजिट में इसी अवधि में करीबन 14 लाख करोड़ रुपए की बढ़त आई है।
20 नवंबर को उधारी में बढ़त 5.82 पर्सेंट की थी
इससे पहले के समाप्त पखवाड़े यानी 20 नवंबर तक क्रेडिट ग्रोथ 5.82% रही थी। यह 104.34 लाख करोड़ रुपए थी। जबकि डिपॉजिट में ग्रोथ 10.89% की थी और यह 143.70 लाख करोड़ रुपए थी। अक्टूबर में नॉन फूड- क्रेडिट ग्रोथ में 5.6% की गिरावट आई थी। जबकि एक साल पहले इसी महीने में इसमें 8.3% की बढ़त थी।
कृषि और संबंधित सेक्टर के कर्ज में 7.4 पर्सेंट की तेजी
आंकड़ों के मुताबिक, कृषि और इससे संबंधित सेक्टर को दिए जाने वाले कर्ज में 7.4% की तेजी रही है। पिछले साल इसी महीने में 7.1% की बढ़त थी। उद्योग यानी इंडस्ट्री को दी गई उधारी में 1.7% की गिरावट अक्टूबर महीने में आई है। एक साल पहले इसी महीने में इसमें 3.4% की बढ़त थी। सेवा सेक्टर में दिए जाने वाले कर्ज में अक्टूबर महीने में 9.5% की बढ़त रही है। जो कि एक साल पहले इसी महीने में यह 6.5% थी।
कोरोना में घट गई पर्सनल लोन की मांग
पर्सनल लोन में हालांकि इस दौरान 9.3% की गिरावट रही है। एक साल पहले 2019 में अक्टूबर महीने में इसमें 17.2% की ग्रोथ थी। दरअसल कोरोना की वजह से अब पर्सनल लोन में काफी कमी आई रही है। हालांकि पिछले 3-4 महीने से बैंकों ने जो उधारी दी है, उसमें 6% से कम की ही बढ़त रही है। जबकि डिपॉजिट में लगातार 10% से ज्यादा की बढ़त रही है।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
To Contact Insurance and Investment Expert
Thanks for reading. Please Share, Comment, Like the post And Follow, Subscribe Insurance and Investment News
from Source
No comments: