MF मैनेजरों ने जिन सात कंपनियों में निवेश बढ़ाया, उनके शेयरों का भाव चार क्वॉर्टर में डबल हुआ

म्यूचुअल फंड मैनेजरों ने पिछले चार क्वॉर्टर के दौरान 100 से ज्यादा कंपनियों में हिस्सेदारी लगातार बढ़ाई है। उन्होंने जिन कंपनियों में निवेश बढ़ाया है, उनमें से लगभग 80 पर्सेंट स्मॉल और मिड कैप कैटेगरी की हैं। यह जानकारी एसइक्विटी के डेटा से मिली है। म्यूचुअल फंड मैनेजरों ने इंडियन एनर्जी एक्सचेंज, नैटको फार्मा, इंफोसिस, बजाज इलेक्ट्रिकल्स, ब्लूडार्ट, अपोलो पाइप्स जैसी कंपनियों में अपनी शेयरहोल्डिंग बढ़ाई है। दिलचस्प बात यह है कि म्यूचुअल फंड कंपनियों ने जिन सात कंपनियों में अपना निवेश बढ़ाया है, उनके शेयरों का भाव पिछले चार क्वॉर्टर में डबल हो गया है। इनके निवेश वाले शेयरों को देखने से लगता है कि थीम के हिसाब से स्कीम चलाने वाले फंड मैनेजरों ने इस साल अपना फोकस कारोबारी ग्रोथ की बेहतर संभावनाओं वाली कंपनियों पर रखा है।

इन शेयरों पर 2021 में बना रह सकता है निवेशकों का फोकस

म्यूचुअल फंड कंपनियों ने जिन सात कंपनियों में अपना निवेश बढ़ाया और जिनके शेयरों का भाव पिछले चार क्वॉर्टर में डबल हुआ है, वे हैं: ग्रेन्यूल्स इंडिया, बिड़लासॉफ्ट, वैभव ग्लोबल, इंडियामार्ट इंटरमेश, किर्लोस्कर फेरस, बटरफ्लाई गांधीमती अप्लायंसेज और टाटा एलेक्सी। ये कंपनियां फार्मा, IT, रिटेल, ऑटोमोबाइल एंड एंसिलरी और कंज्यूमर ड्यूरेबल सेक्टर की हैं। FYERS के रिसर्च हेड गोपाल कवलीरेड्डी के मुताबिक, इन पर निवेशकों का फोकस 2021 में बना रह सकता है लेकिन इनके तिमाही नतीजे बेहतर रास्ता दिखा सकते हैं। इन कंपनियों की वित्तीय स्थिति और बाजार की बुनियादी स्थिति बेहतर होने के साथ ही बीच में 20 पर्सेंट का करेक्शन होता है इनवेस्टर फिर से पैसा लगाने के बारे में सोच सकते हैं।

लार्ज कैप से शुरू होकर मिड, स्मॉल कैप में आती है रैली

स्मॉल और मिड कैप शेयरों ने 2020 में बेंचमार्क इंडेक्स को आउटपरफॉर्म किया है। इनको दो साल तक लार्ज कैप शेयरों को अंडरपरफॉर्म करने के चलते कमजोर वैल्यूएशन का फायदा मिला है। स्मॉल और मिड कैप शेयरों को ग्लोबल सिस्टम में मौजूद लिक्विडिटी और फॉरेन इनवेस्टर्स के अपने टारगेट के हिसाब से निवेश बढ़ाए जाने का भी सपोर्ट मिला है। 'आने वाले समय में थीमैटिक ​​​​​​​फंड का परफॉर्मेंस शेयर बाजार से बेहतर रह सकता है। आमतौर पर लार्ज कैप शेयरों से पैसा रैली की शुरुआत में बनता है। इनमें तेजी का दौर थमने के बाद मिड कैप और स्मॉल कैप शेयरों में तेजी आती है। खासतौर पर मिडकैप और स्मॉल कैप स्पेस में अंडरवैल्यूड कंपनियों के शेयरों में तेजी का रुझान बन सकता है।' यह बात प्रोफेशनल इनवेस्टर और ग्रीन कैपिटल सिंगल फैमिली ऑफिस के फाउंडर और CEO शखधर ने कही है।

मिड, स्मॉल कैप कंपनियों ​​​​​​​के चुनाव में देखें ग्रोथ की संभावना

पिछले तीन साल से स्मॉल और मिड कैप शेयरों में उथल पुथल का दौर चला है। 2018 में ऑल टाइम हाई बनाने के बाद उनमें समय समय पर प्रॉफिट बुकिंग होती रही और वे बेयर फेज में चले गए। ILFS क्राइसिस के चलते हुई नकदी की तंगी, इकनॉमिक डाउनटर्न और रिटेल इनवेस्टर्स की बेरुखी के चलते उन्होंने नेगेटिव रिटर्न दिया। जानकारों का कहना है कि ऐसे में निवेशकों को मिड और स्मॉल कैप शेयर का चुनाव करते वक्त कंपनी की मजबूती, ग्रोथ की संभावना और बाजार की बुनियादी स्थिति को ध्यान में रखना होगा। स्मॉल और मिड कैप कंपनियों का मार्केट शेयर बड़ा नहीं होने पर और उनका फाइनेंशियल परफॉर्मेंस बरकरार नहीं रहने पर इनवेस्टर्स उनके शेयरों में प्रॉफिट बुकिंग कर सकते हैं।



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Seven small and mid-cap companies in which MF managers increased investment, their share price doubled in four quarters


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MF मैनेजरों ने जिन सात कंपनियों में निवेश बढ़ाया, उनके शेयरों का भाव चार क्वॉर्टर में डबल हुआ MF मैनेजरों ने जिन सात कंपनियों में निवेश बढ़ाया, उनके शेयरों का भाव चार क्वॉर्टर में डबल हुआ Reviewed by Insurance Advisor on December 25, 2020 Rating: 5

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