कोरोना महामारी के कारण देश में आर्थिक उम्मीद से ज्यादा बुरी रही, लेकिन शेयर बाजार में कंपनियों और निवेशकों की चांदी रही। इस साल 16 कंपनियों ने हिस्सेदारी बेचकर IPO के जरिए कुल 31 हजार करोड़ रुपए की रकम जुटाए। पिछले साल कुल 17 कंपनियों ने IPO लॉन्च किया था, जिससे उन्होंने 17,433 करोड़ रुपए जुटाए थे।
साल की शुरुआत SBI कार्ड के IPO के साथ
इस साल IPO की शुरुआत 2 मार्च को आए SBI कार्ड के साथ हुई। कंपनी के IPO का साइज 10,340 करोड़ रुपए रही। वहीं, एंटोनी वेस्ट हैंडलिंग सेल का IPO इस साल का आखिरी है। इसका साइज 300 करोड़ रुपए का रहा।
हालांकि मार्च में लॉकडाउन के कारण बाजार में गिरावट के चलते कंपनियां IPO लाने से बच रही थी। यह सिलसिला रोस्सारी बायोटेक ने तोड़ा, कंपनी ने जुलाई में 496 करोड़ रुपए का IPO किया। इसी महीने माइंडस्पेस बिजनस पार्क रिट ने 4.5 हजार करोड़ रुपए का IPO लाया। अगस्त में कोई IPO नहीं आया। हालांकि नवंबर से एक बार फिर IPO लॉन्चिंग का सिलसिला शुरु हुआ।
क्यों आए IPO?
बाजार में अच्छी तेजी के साथ - साथ IPO लॉन्चिंग की रफ्तार भी बढ़ी। इसकी दो वजह थी- पहली कि कंपनियों को देशव्यापी लॉकडाउन के कारण नुकसान हुआ। इसकी भरपाई के लिए उन्होंने IPO के जरिए हिस्सा बेचकर पैसे जुटाए। दूसरा कि बाजार में बढ़ते विदेशी निवेश और पॉजिटिव वातावरण इस साल शायद ही मिलता। ऐसे में कंपनियों ने लॉन्च करना ही बेहतर समझा। इसका ही परिणाम रहा कि केवल सितंबर महीने में पांच IPO और अक्टूबर में चार IPO लॉन्च हुए।
IPO को मिले शानदार रिस्पांस
बाजार में अच्छे माहौल के चलते इन IPO को बेहतर नतीजे भी मिले। दिसंबर में आए मिसेस बेक्टर्स का IPO 199 गुना भरा। इसके अलावा बर्गर किंग का IPO 156 गुना भरा। आंकड़ों के मुताबिक इस साल आए कुल 16 में से 7 IPO ऐसे रहें, जो पहले ही दिन ओवर सब्सक्राइब हुए।
निवेशकों को अच्छा रिटर्न
पहले दिन लिस्टिंग के लिहाज निवेशकों को शानदार रिटर्न मिला। 24 दिसंबर को मिसेस बेक्टर्स का शेयर बीएसई में 501 रुपए के भाव पर लिस्ट हुए, जबकि शेयर का इश्यू प्राइस 288 रुपए था। इसी तरह बर्गर किंग का शेयर इश्यू प्राइस से 92% ऊपर 115 रुपए के भाव पर लिस्ट हुआ था, जबकि इश्यू प्राइस 60 रुपए प्रति शेयर था। इसी तरह हैप्पिएस्ट माइंड्स का शेयर भी इश्यू प्राइस से 111% ऊपर लिस्ट हुआ था।
बाजार में शानदार तेजी
इस दौरान शेयर बाजार के प्रमुख इंडेक्स 23 मार्च के निचले स्तर से 79% ऊपर आ गए। बीएसई सेंसेक्स 47 हजार और निफ्टी 13,700 के स्तर पर कारोबार कर रहे हैं। ब्रॉडर मार्केट में निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 86% और स्मॉल कैप इंडेक्स 103% ऊपर चढ़ चुके हैं। इसकी मुख्य वजह विदेशी निवेश है। क्योंकि डॉलर इंडेक्स में डॉलर कमजोर हो रहा है और विदेशी निवेशकों को भारतीय मार्केट में क्वालिटी शेयर कम कीमत में मिल रहे हैं। इनका रिटर्न भी उम्मीद से बेहतर है।
आगे भी आएंगे और IPO
ऐसे में बाजार के जानकार मानते हैं कि अच्छी आर्थिक रिकवरी और पॉजिटिव सेंटिमेंट के चलते 2021 में भी कंपनियां तेजी से IPO लॉन्च कर सकती हैं। साथ ही संस्थागत निवेशक भी बाजार के पॉजिटिव सेंटिमेंट को सपोर्ट कर रहे हैं।
अगले साल आने वाले IPO कल्याण ज्वैलर्स, ESAF स्मॉल फाइनेंस बैंक, सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक, नजारा टेक्नोलॉजी, रेलटेल, इंडिगो पेंट, जोमैटो और अन्य जैसी कंपनियां IPO लॉन्च करेंगी। साथ ही साथ कोरोना से प्रभावित सेक्टर जैसे हॉस्पिटैलिटी, कमर्शियल रियल एस्टेट और BFSI की भी कंपनियां IPO लॉन्च कर सकती हैं।
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