वित्त वर्ष 2020 में पेटीएम की पैरेंट कंपनी वन97 कम्युनिकेशंस लिमिटेड का घाटा कम होकर 2,942.36 करोड़ रुपए रह गया है। जबकि वित्त वर्ष 2019 में कंपनी का कंसॉलीडेटेड घाटा 4,217.2 करोड़ रुपए रहा था। रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज फाइलिंग के हवाले से मार्केट इंटेलीजेंस फर्म टॉफ्लर ने यह जानकारी दी है।
कंसॉलीडेटेड रेवेन्यू में 1.3% की बढ़ोतरी
फ्लिपकार्ट के फोनपे और गूगलपे से मुकाबला करने वाली पेटीएम का वित्त वर्ष 2020 में कंसॉलीडेटेड रेवेन्यू 3,628.85 करोड़ रुपए रहा है। वित्त वर्ष 2019 के 3,579.67 करोड़ रुपए के मुकाबले इसमें 1.3% की ग्रोथ रही है। जब पेटीएम से संपर्क किया तो उसने सितंबर से वित्तीय स्टेटमेंट उपलब्ध कराया। इसमें कंपनी ने कहा है कि 2019-20 में उसका रेवेन्यू बढ़कर 3,629 करोड़ रुपए रहा है जबकि घाटे में 40% की कमी आई है। हालांकि, कंपनी ने 2019-20 में हुए घाटे की राशि की जानकारी नहीं दी।
स्टैंड-अलोन आधार पर कंपनी का रेवेन्यू 3,350.59 करोड़ रुपए रहा
रेगुलेटरी डॉक्यूमेंट के मुताबिक, स्टैंड-अलोन आधार पर 2019-20 में कंपनी का रेवेन्यू 3,350.59 करोड़ रुपए रहा है। जबकि इससे पहले के वित्त वर्ष में पेटीएम का रेवेन्यू 3,391.61 करोड़ रुपए रहा था। हालांकि, पेटीएम ने स्टैंड-अलोन आधार पर घाटे में सुधार किया है और वित्त वर्ष 2019-20 में कंपनी का घाटा 2,833.18 करोड़ रुपए रहा है। एक साल पहले समान अवधि में कंपनी का घाटा 3,959.64 करोड़ रुपए रहा था।
कोविड-19 का कारण ग्लोबल इकोनॉमिक गतिविधियां प्रभावित हुईं
पेटीएम ने फाइलिंग में कहा है कि घरेलू और ग्लोबल स्तर पर कोविड-19 संक्रमण का फैलाव जारी है और इससे स्थानीय-ग्लोबल स्तर पर इकोनॉमिक गतिविधियां प्रभावित रही हैं। कंपनी कोविड-19 के कारण इंवेस्टमेंट्स, गुडविल पर पड़ने वाले असर पर विचार कर रही है।
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