कोविड-19 के दौरान ऑनलाइन शॉपिंग के ट्रेंड ने जिस तरह नई ऊंचाइयों को छुआ है, उसको देखते हुए डिजिटल मार्केटिंग पर दुनियाभर की कंपनियों और ब्रांड्स का फोकस अप्रत्याशित रूप से बढ़ा है। स्वाभाविक तौर पर डिजिटल प्रमोशन के जरिए प्रॉडक्ट्स और सर्विसेज की तरफ करोड़ों कंज्यूमर्स और कस्टमर्स को प्रभावी तरीके से खींचने की कवायद वर्चुअल वर्ल्ड में तेज हुई है। आपको यह जानकर ताज्जुब होगा कि डिजिटल मार्केटिंग का जैसा स्केल हम आज आज 2020 में वर्चुअल वर्ल्ड में देख रहे हैं, वैसा अस्सी के दशक में अमेरिका में फिजिकल वर्ल्ड में हो चुका है, और वह भी तब जब इंटरनेट का फैलाव अपने शुरुआत दौर में था।
FBI को एक कुख्यात गिरोहबाज के पास मिले थे पुराने बिग ब्लू
आप और हममें से ज्यादातर लोगों को फिजिकल वर्ल्ड के उस फेनोमेना के बारे में कोई इल्म नहीं होगा, जो बेड बेद एंड बियोंड (शुरुआत में बेड एन बेद) ने अंजाम दिया था। हम बात कर रहे हैं हेवी डिस्काउंट कूपन की जिसको हम और आप अपने यहां फिजिकल वर्ल्ड में कई दशकों से देखते आ रहे है लेकिन बेड बेद एंड बियोंड ने अपनी बिक्री बढ़ाने की इस तरकीब को इतने बड़े पैमाने तक पहुंचा दिया था कि उसके लिए एक मार्केटिंग कंपनी बनानी पड़ गई थी। इस पोस्टकार्ड साइज डिस्काउंट कूपन की पॉपुलैरिटी का पता इसी से चलता है कि एफबीआई को एक कुख्यात गिरोहबाज के ठिकाने पर एक रेड में पुराने सामानों के दराज में कुछ कूपन पड़े मिले थे।
बिग ब्लू पर कंपनी कस्टमर्स को 20 पर्सेंट डिस्काउंट देती थी
बिग ब्लू, इसका कूपन का नाम था जिसको साथ लाने पर कंपनी कस्टमर्स को 20 पर्सेंट डिस्काउंट देती थी। अगर आप खोजी प्रवृत्ति के होंगे तो आपके मन तुरंत ख्याल आएगा यह 10 पर्सेंट या 30 पर्सेंट क्यों नहीं था। दरअसल कंपनी मैनेजमेंट को 10 पर्सेंट ग्राहकों को खींचने के लिहाज से बहुत कम और 30 पर्सेंट प्रॉफिटेबिलिटी के हिसाब से बहुत ज्यादा लगा था। आप यह भी सोच रहे होंगे कि अगर 20 पर्सेंट डिस्काउंट दिया तो कंपनी इसकी भरपाई कहां से करेगी, तो सुनिए। कंपनी ने अपने स्टोर्स को इस तरह बनाया था कि आप मछली का कांटा लेने जाएं तो पूरा फिशिंग गीयर्स लेकर स्टोर से बाहर निकलें। अगर एक आइटम पर 20 पर्सेंट डिस्काउंट देकर एक कस्टमर से तीन चार गुना सेल्स हासिल कर ले तो इसमें कंपनी का फायदा ही फायदा है।
इसके चलते पनपा डिस्काउंट कूपन का अंडरग्राउंड मार्केट
खैर आगे। इस कूपन ने कंपनी का बिजनेस तो चमका दिया था लेकिन इसका आंकड़ा सालाना एक अरब मेलर तक पहुंच गया और यह कस्टमर्स तक पहुंचाने वालों के लिए मुसीबत हो गया था। उससे पहले मैं आपको बताना चाहूंंगा कि यह कस्टमर को स्टोर पर लाने और कंपनी के थोड़े बहुत कारोबार को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाने के मकसद से शुरू किया गया प्रमोशन था। लेकिन बेड बेद एंड बियोंड का बिग ब्लू इतना पॉपुलर हुआ कि यह स्टोर के बाहर 5 डॉलर में एक कूपन और ईबे पर 5 कूपन का बैच 5 से 7 डॉलर तक में बिकने लगा। इसके चलते डिस्काउंट कूपन का अंडरग्राउंड मार्केट भी पनपने लगा।
कैटलॉग मार्केटिंग से ज्यादा तेज और किफायती था तरीका
बिग ब्लू कूपन को फेनोमेना बनाने वाली बेड बेद एंड बियोंड के बारे में थोड़ा और जान लेते हैं। यह 1971 में न्यूजर्सी में बेडशीट और टॉवेल बेचने वाले सिंगल स्टोर के तौर पर शुरू हुई थी, जहां दाम इतना कम रखा गया कि लोगों को अपनी पसंद की चीज खरीदने के लिए छमाही डिस्काउंट का इंतजार नहीं करना पड़ता था। कंपनी सेल के लिए प्रॉडक्ट के ऐड पर खर्च नहीं करना चाहती थी और डिस्काउंट को किसी एक आइटम पर सीमित नहीं रखना चाहती थी। कंपनी का काम ट्रेडिशनल कैटलॉग मार्केटिंग से भी काम नहीं चलने वाला था, क्योंकि उसको तैयार होने में छह महीने लगते थे। ऐसे में उन्होंने मेल से 20 पर्सेंट डिस्काउंट वाला कूपन भेजने का फैसला किया। दरअसल, यह सेल से सस्ता लेकिन प्रॉडक्ट के मार्केट प्राइस को बनाए रखते हुए कंपनी के ब्रांड को चमकाने वाला तरीका था।
पोस्टकार्ड साइज और ब्लर्पल रंग का था डिस्काउंट कूपन
बिग ब्लू कूपन दूसरे बिजनेस लेटर और बिल के बीच अनदेखा न हो जाए, इसके लिए पोस्टकार्ड साइज का बनवाया गया और ब्लू प्लस पर्पल यानी ब्लर्पल रंग दिया गया। इस कूपन के लिए ग्राहक को अपना नाम कंपनी की मेलिंग लिस्ट में दर्ज कराना पड़ता था। कंपनी ने इसके लिए एक्सपायरी डेट तय की थी, जिसका मकसद यह था कि ग्राहक कूपन खरीदारी तक अपने घर पर रखे रहें, जब जब खरीदारी का ख्याल आए, उसके ब्रांड को महसूस करें और फिर अंत में उसके स्टोर से खरीदारी करें।
मैनेजमेंट का फोकस डेटा और एनालिटिक्स पर शिफ्ट हुआ
लेकिन समय के साथ इंटरनेट की दुनिया का दायरा बढ़ा और बड़ी संख्या में सीरियस ई-कॉमर्स साइट्स आईं और बेड बेद एंड बियोंड के सीनियर मैनेजमेंट का फोकस कूपन पर घटा। दरअसल, बेड बेद एंड बियोंड को लेकर लोगों का नजरिया भी बदला कि बिग ब्लू के बिना उसका सामान महंगा है। इसके अलावा बेहतर प्रॉडक्ट सेलेक्शन के साथ टारगेट और वॉलमार्ट मार्केट में आईं और अमेजन ने बेस्ट असॉर्टमेंट की खूबी हथिया ली। बेड बेद एंड बियोंड के टॉप मैनेजमेंट का फोकस डेटा और एनालिटिक्स पर शिफ्ट हुआ है जिसके जरिए कंपनी कस्टमर्स को यूनीक डील मुहैया कराती है। लेकिन कूपन के साथ अब भी कंपनी की ब्रांड वैल्यू जुड़ी है और कस्टमर्स अब भी इसको पसंद करते हैं।
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