मार्केट रेगुलटर सिक्युरिटीज एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) ने प्रभात डेरी लिमिटेड (PDL) को शेयरों की डी-लिस्टिंग की प्रक्रिया पूरी करने के लिए 6 महीनों का समय और दिया है। कंपनी को डी-लिस्टिंग के लिए अक्टूबर 2019 में शेयरहोल्डर्स की मंजूरी मिली थी। लेकिन कोरोनावायरस महामारी के चलते डी-लिस्टिंग की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई थी। इसी साल अक्टूर में PDL डी-लिस्टिंग को फाइनल आवेदन करने के लिए 6 महीने का समय देने की मांग की थी।
1 साल में पूरी करनी होती है डी-लिस्टिंग की प्रक्रिया
SEBI के नियमों के मुताबिक, स्पेशल रेजोल्यूशन पास होने के एक साल के अंदर कंपनी को स्टॉक एक्सचेंज में फाइनल आवेदन करना होता है। 6 पेज के आदेश में SEBI ने स्पेशल रेजोल्यूशन पास होने की तिथि से 6 महीने का और समय दिया है। अब कंपनी डी-लिस्टिंग के लिए 13 अप्रैल 2021 तक फाइनल आवेदन कर सकती है। SEBI ने कंपनी को वित्त वर्ष 2018-19 और 2019-20 का फॉरेंसिक ऑडिट भी दाखिल करने को कहा था। लेकिन लॉकडाउन के कारण फॉरेंसिक ऑडिट की प्रक्रिया में भी देरी हुई है।
PDL ने 8 अक्टूबर को जारी किया था ऑडिटिड फाइनेंशियल रिजल्ट
PDL ने इसी साल 8 अक्टूबर को वित्त वर्ष 2019-20 का ऑडिटिड फाइनेंशियल रिजल्ट जारी किया था। तब कंपनी ने पब्लिक शेयरहोल्डर्स के हित में फॉरेंसिक ऑडिट और इक्विटी शेयरों की डी-लिस्टिंग की प्रक्रिया पूरी करने के लिए और समय की मांग की थी। SEBI ने अपने आदेश में कहा है कि कंपनी फॉरेंसिक ऑडिट में पूरा सहयोग करेगी और 10 वर्किंग डेज में सभी जरूरी कागजात व आवश्यक सूचना उपलब्ध कराएगी। जल्द से जल्द फॉरेंसिक ऑडिट पूरा करने के लिए SEBI ने यह चेतावनी दी है।
पब्लिक शेयरहोल्डर्स के हित में है फॉरेंसिक ऑडिट
SEBI ने कहा है कि जरूरी कागजात और जानकारी उपलब्ध नहीं कराने के कारण प्रभात डेरी का फॉरेंसिक ऑडिट पूरा नहीं हो पा रहा था। मार्केट रेगुलेटर का कहना है कि फॉरेंसिक ऑडिट पूरा होना पब्लिक शेयरहोल्डर्स के हित में है। फॉरेंसिक ऑडिट की प्रक्रिया अभी जारी है और यह पूरी नहीं हो पाई है। SEBI का कहना है कि फॉरेंसिक ऑडिट पूरा हुए बिना स्टॉक एक्सचेंज डी-लिस्टिंग के फाइनल आवेदन पर विचार नहीं करेंगे।
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